Sunday, May 02, 2010

बदले हुए से तुम..

बहुत कुछ
बहुत ही बदल गया
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शहर
अहसास
विश्वास
सपने
अपने
अदा
फ़िदा
करम
रहम
भरम
और
तुम.

बदले नहीं हैं तो....
सिर्फ तुम्हारे धोखे
तुम्हारी बेवफाई

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