देखा है प्यार को ..धुंधलाते हुए?
खालीपन का एहसास
उदासी मौनता शून्यता
वापस आने का कोई रास्ता नहीं
बस थोड़ी सी आशा
आँखों में
तुम दूर दिख रहे हो
क्षितिज पर
पास आ रहे हो, या दूर जा रहे हो ?
नतीजा मालूम है
कि तुमको मेरे लिए कोई नहीं ला सकता
क्या कोई आखरी मुलाक़ात भी होगी?
5 टिप्पणियाँ:
बहुत गहरी भावाव्यक्ति.
बहुत गहरे भाव। धन्यवाद
धन्यवाद मित्रो!वैसे यह मेरी एक अंग्रेज़ी में लिखी कविता का हिन्दी अनुवाद है.
बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
ढेर सारी शुभकामनायें.
संजय कुमार
हरियाणा
http://sanjaybhaskar.blogspot.com
धन्यवाद संजय जी!
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