Saturday, December 09, 2006

वापसी

 <p>बहुत दिनों बाद कुछ लिखने का प्रयत्न कर  रहा हूँ। वैयक्तिक कारणोंवश कुछ सोचने-लिखने का मौक़ा ही नहीं मिल रहा था।  यह वर्ष ऐसा बीता कि जिसके बारे में लिखने के लिये शब्द ही पर्याप्त नहीं...</p>

<p>आज इस वर्ष का पहला हल्का-फ़ुल्का हिमपात हुआ( स्नो-फ़्लरीज़) । यह देखकर याद आया कि मैंने अपने चिट्ठे पर पिछले वर्ष   हिमपात के कुछ चित्र डाले थे...इसी से याद आया कि बहुत दिनों से मैंने आप लोगों से बात नहीं की...याने इस चिट्ठे पर कुछ लिखा नहीं।</p>

<p>मैं जिस अनुवादक साफ़्ट्वेयर के बारे में ज़िक्र कर रहा था...आज मैने उस पर बहुत दिनों बाद फिर से कुछ काम किया...अभी मैंने डाटाबेस डिज़ाइन में थोड़ा परिवर्तन किया है, और इस प्रोग्राम को डेस्क्टाप से वेब बेस्ड बना दिया है...वैसे काम अभी शैशवावस्था में है, फ़िर भी यदि किसी को कोई प्रश्न को तो टिप्पणी ज़रूर करें।</p>

<p>आज बहुत दिनों बाद जीतू और फ़ुरसतिया के कुछ लेख  पढ़, और बहुत आनन्द आया....! हिन्दी चिट्ठाकारी में अनगिनत नए लेखक देखकर भी बहुत खुशी हुई।</p>

<p>यहाँ पर क्रिस्मस की खरीदारी अपनी चरम सीमा पर है..अखबार ,टीवी वगैरह 'सेल' से रंग मे‍ सराबोर हो गये हैं! मज़े की बात यह है के <strong>हर रोज़ </strong>सेल होती है और लिखा होता है <strong>'वन डे' </strong>आन्ली! वैसे 'धन्यवाद दिवस' के बाद वाले 'काले शुक्रवार'  पर काफ़ी काम के सामान काफ़ी सस्ते मिल रहे थे।</p>

<p>ज़ल्द ही आगे  लिखने का प्रयत्न करता हूं। नमस्कार!</p>

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