Saturday, August 06, 2005

बदलता भारत

आज सुबह से ही दर्ज़नों ब्लॉग पढ़्ने के बाद लगा कि कुछ लिख ही दिया जाए! अतुल जी की एक पुरानी ब्लॉग देखकर याद आया कि हमारे एक भारतीय सहकर्मी, जो कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में नहीं रहे हैं, को भारत के बारे में पता ही नहीं है। उन्हें यहाँ विश्वास ही नहीं हो रहा था कि भारत में लोग कार से काम पर जाते हैं! मैक्डोनल्ड्स, पिज़ा हट मैं कल्लू के ढाबे से ज़्यादा भीड़ लगी रहती है!
अब चूंकि पिछले चार वर्षों में मुझे भारत में रहने का सौभाग्य प्राप्त था, मैंने यह परिवर्तन अपनी आंखों से देखा है। मैं बंगलोर में था पिछले चार वर्षों में, जहां रोज़ कुछ न कुछ नयी प्रगति के समाचार मिलते रहते थे। आगे फिर कभी.....

1 comment:

Anonymous said...

Metros in india are catching up fast,,the gap is filling up in terms of both money and facilities